पटना से बिहार की राजनीति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने साफ संकेत दे दिया है कि मुख्यमंत्री राज्यसभा की सदस्यता लेने के तुरंत बाद अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण के बाद उनके इस्तीफा देने की पूरी संभावना जताई जा रही है। विजय चौधरी ने कहा कि इस्तीफे के बाद एनडीए के सभी घटक दल मिलकर नए मुख्यमंत्री का चयन करेंगे और फिर नई सरकार का गठन होगा।
इस बीच, मुख्यमंत्री की रेस को लेकर कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंत्री ने इस सवाल पर हल्के अंदाज में कहा कि “आप लोग जिसका नाम चला देंगे, वही रेस में आ जाएगा।” इससे साफ है कि अंतिम फैसला एनडीए की बैठक में ही होगा।
राजनीतिक हलचल के बीच नीतीश कैबिनेट की बैठक भी टाल दी गई है। दिल्ली में जेडीयू की एक अहम बैठक 9 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिसमें पार्टी के बड़े नेता शामिल होंगे। इस बैठक में सत्ता हस्तांतरण, नए मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम के नाम, और सरकार में जेडीयू की भूमिका पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, 10 अप्रैल को शपथ के बाद नीतीश कुमार की मुलाकात प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से भी हो सकती है, जहां बिहार की नई राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होगी।
बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल तक इस्तीफा और 16 अप्रैल तक नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने की संभावना है। खास बात यह भी है कि इस बदलाव के साथ पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई है।
खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं।
