बोकारो से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से गायब 18 वर्षीय युवती के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
झारखंड के बोकारो जिले के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत खूंटाडीह गांव से लापता 18 वर्षीय युवती के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी को तलब किया है। कोर्ट ने मंगलवार को वर्चुअल सुनवाई के दौरान पूरे मामले पर विस्तृत जवाब मांगा।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता के चाचा-श्वसुर को पुलिस द्वारा थाने में बुलाकर कथित रूप से बेरहमी से पीटा गया। इस घटना में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उनका इलाज रांची के एक निजी क्लीनिक में चल रहा है। इस जानकारी पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि पीड़ित परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद चिंताजनक है।
अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए डीजीपी से सवाल किया कि आखिर बोकारो के पुलिस अधीक्षक यानी एसपी के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि किस आधार पर संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर मारपीट की गई।
वहीं, जब इस मामले में बोकारो एसपी हरविंदर सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि जांच के क्रम में संबंधित व्यक्ति को थाने बुलाया गया था, लेकिन मारपीट की जानकारी उन्हें नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी जांच प्रक्रिया कोर्ट के निर्देश पर ही की जा रही थी।
हाईकोर्ट ने डीजीपी को निर्देश दिया है कि इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश की जाए। साथ ही कोर्ट ने साफ किया कि यदि भविष्य में याचिकाकर्ता या उनके किसी रिश्तेदार के साथ पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की प्रताड़ना होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी बोकारो एसपी की होगी।
संवाददाता: चंदन सिंह, बोकारो
