पटना: पटना में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिया है कि मई महीने से एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार दाखिले की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
कोरोना काल के बाद से अब तक इंटरमीडिएट के अंकों के आधार पर हो रहे एडमिशन को खत्म कर दिया गया है। अब स्नातक स्तर पर छात्रों को एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि इससे मेधावी छात्रों का चयन अधिक पारदर्शी और बेहतर तरीके से हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार, एकेडमिक कैलेंडर को लेकर हुई बैठकों में मई से आवेदन प्रक्रिया शुरू करने पर सहमति बन चुकी है। हालांकि विस्तृत शेड्यूल अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में इसे जारी किए जाने की संभावना है। डीन प्रो. कामेश्वर पंडित के मुताबिक, अधिकतर बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और लक्ष्य जुलाई से नए सत्र की कक्षाएं समय पर शुरू करना है।
संभावना जताई जा रही है कि जून में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, ताकि जुलाई तक क्लासेस शुरू हो सकें। वहीं, पीजी कोर्सों में नामांकन स्नातक के अंकों के आधार पर ही होने की संभावना है।
मई में आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की एक बड़ी वजह विभिन्न बोर्डों के रिजल्ट भी हैं। जहां बिहार बोर्ड का इंटर रिजल्ट जारी हो चुका है, वहीं सीबीएसई और आईसीएसई के परिणाम अप्रैल के अंत तक आने की उम्मीद है। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टल खोला जाएगा।
सीटों की बात करें तो इस बार करीब 4 हजार सीटों पर दाखिला लिया जाएगा। बीए, बीकॉम और बीएससी ऑनर्स के विभिन्न कॉलेजों में सीटों का बंटवारा लगभग पहले जैसा ही रखा गया है। बीएन कॉलेज, पटना कॉलेज, मगध महिला कॉलेज और पटना साइंस कॉलेज प्रमुख संस्थान हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का फोकस इस बार सत्र को पूरी तरह पटरी पर लाने पर है, ताकि परीक्षाएं, रिजल्ट और एडमिशन समय पर हो सकें और छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो।
