सहरसा सदर अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। डीसीसी की समीक्षा के बाद अब जिलाधिकारी सहरसा दीपेश कुमार ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई खामियां सामने आईं। निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों में जाकर करीब एक घंटे तक व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में डीएम दीपेश कुमार ने बताया कि अस्पताल के मुख्य गेट के पास बहने वाला नाला पूरी तरह जाम पाया गया, जिस पर अस्पताल प्रशासन को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा एक बेड पर चादर नहीं बदली गई थी और ड्रिंकिंग वाटर कूलर भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा था, इन मामलों में भी संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
हालांकि, डीएम ने यह भी बताया कि अस्पताल के अंदर साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई है और कई जगहों पर पंखे लगाए जा चुके हैं, जबकि बाकी बचे पंखों को जल्द लगाने का निर्देश दिया गया है। ऑपरेशन थिएटर (OT) में एसी की समस्या पर उन्होंने कहा कि एक घंटे के भीतर उसे चालू करने की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं, दोनों आईसीयू में फिलहाल एक-एक एसी लगे हुए हैं, लेकिन मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक आईसीयू में एक और एसी लगाने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान एक डॉक्टर, डॉ. विकास अनुपस्थित पाए गए, जिनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
डीएम दीपेश कुमार ने कहा कि अधिकांश व्यवस्थाएं सही हैं, लेकिन अस्पताल में सतत निगरानी और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर सुविधा देने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह निरीक्षण साफ संकेत देता है कि सहरसा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
