सहरसा सदर अस्पताल में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं और मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। “अपना बिहार झारखंड” की खबर का असर रविवार को साफ देखने को मिला, जब डीडीसी गौरव कुमार ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड सहित कई विभागों का जायजा लिया। इस दौरान कई जगह पंखे बंद मिले, जिससे उमस भरी गर्मी में मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस लापरवाही पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए दो दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया।
इसके अलावा जीविका द्वारा संचालित रसोईघर की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। गंदे बर्तन और साफ-सफाई की कमी देखकर डीडीसी ने कर्मियों को फटकार लगाई और तुरंत सुधार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों के भोजन से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीडीसी के औचक निरीक्षण की खबर मिलते ही कई कर्मचारी जल्दबाजी में अस्पताल पहुंचे, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. राज नारायण प्रसाद और अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी भी मौके पर मौजूद रहीं।
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने अस्पताल में पहले हुई कॉपर तार और एसी चोरी की घटनाओं की भी जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए।
सिविल सर्जन ने बताया कि निरीक्षण में मिली सभी कमियों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही अस्पताल की व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से अब मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है।
