भागलपुर के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत गोनुधाम तरडीहा में आयोजित सरस राम कथा के प्रथम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के शुभारंभ के साथ ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जहां सैकड़ों श्रद्धालु प्रभु भक्ति में लीन नजर आए।

 

कथा वाचन के दौरान पूज्य महाराज जी ने अपने मुखारविंद से रामचरितमानस के बालकांड में वर्णित शिव-सती प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि यह प्रसंग केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली प्रेरणादायक घटना है। सती के मोह, भगवान की माया और अंततः उनके त्याग की कथा के माध्यम से उन्होंने श्रद्धालुओं को विवेक, आस्था और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

 

महाराज जी के प्रवचन को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे मनोयोग से कथा का रसपान करते नजर आए। कथा स्थल पर हर ओर “जय श्रीराम” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

 

इस मौके पर अयोध्या से आई कलाकार मंडली ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भजनों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा।

 

कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्य राम कृष्णा शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, नीरज चौधरी, चन्दन पाण्डेय, शिवम् तिवारी, मोनू चौबे और मोहित पाण्डेय सहित सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति रही। सभी ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा का अनुभव किया।

 

कुल मिलाकर सरस राम कथा का प्रथम दिवस भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता से सराबोर रहा, जिसने श्रद्धालुओं के मन में गहरी छाप छोड़ी। आगामी दिनों में भी इसी तरह के दिव्य आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।

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