बिहार में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस का एक्शन लगातार तेज होता जा रहा है। रोहतास में मैरिज हॉल पर छापेमारी के बाद अब अररिया जिले में भी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई कर सभी को चौंका दिया है।
अररिया के फारबिसगंज में पटना से आई विशेष टीम के साथ स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पूरे इलाके में अचानक पुलिस की मौजूदगी से हड़कंप मच गया। पुलिस ने पहले क्षेत्र की घेराबंदी की और फिर महिला एवं पुरुष सिपाहियों की टीम के साथ घर-घर तलाशी अभियान शुरू किया।
इस सघन छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 13 पुरुष और 16 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा, पुलिस ने सात नाबालिग बच्चियों को भी अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराया है।
अररिया के एसपी जितेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम गठित कर यह कार्रवाई की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई “नया सवेरा 2.0” अभियान के तहत की गई, जिसकी निगरानी कमजोर वर्ग के एसपी अमित राणा द्वारा की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों, खासकर महिलाओं और बच्चों को अपराध के जाल से बाहर निकालना है।
छापेमारी दल में यातायात डीएसपी फखरे आलम, साइबर डीएसपी रजिया सुल्ताना और फारबिसगंज के अपर थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। इस अभियान में “बाल मित्र पटना” संस्था का भी सहयोग लिया गया, जिसकी प्रतिनिधि टीम मौके पर मौजूद रही।
अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
