बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज हो गई है और सत्ता परिवर्तन को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। सूत्रों के हवाले से खबरें सामने आ रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। संभावित कार्यक्रम के अनुसार, वे 9 अप्रैल को दिल्ली रवाना होंगे, जहां 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं।
बताया जा रहा है कि दिल्ली दौरे के बाद नीतीश कुमार 11 अप्रैल को पटना लौटेंगे और 12 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, एनडीए के नेतृत्व में नई सरकार का शपथ ग्रहण 14 अप्रैल तक हो सकता है।
सबसे बड़ी चर्चा इस बात को लेकर है कि इस बार मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है, जो बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जाएगा। संभावित चेहरों में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल और मंगल पांडेय के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं।
हालांकि, इन अटकलों के बीच जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि अगला मुख्यमंत्री किस दल से होगा। उन्होंने इन चर्चाओं को फिलहाल केवल अटकलें बताया है।
इधर, खरमास की अवधि को देखते हुए शपथ ग्रहण समारोह में थोड़ी देरी की संभावना भी जताई जा रही है, क्योंकि इस दौरान शुभ कार्यों से परहेज किया जाता है।
फिलहाल, बिहार की राजनीति पूरी तरह से संभावनाओं और चर्चाओं के दौर में है। सत्ता परिवर्तन को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं है, लेकिन आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। अब सभी की नजरें आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं, जो इस सियासी सस्पेंस से पर्दा उठा सकती है।
