भागलपुर स्थित सबौर के कृषि विश्वविद्यालय में नियुक्तियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति दुनिया राम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि कुलपति ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी बेटी अमिता सिंह को बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर में अवैध रूप से नियुक्त किया।

 

सांसद के अनुसार, अमिता सिंह का वेतन पहले 30 हजार रुपये था, जिसे बढ़ाकर करीब सवा लाख रुपये कर दिया गया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमिता सिंह नियमित रूप से विश्वविद्यालय नहीं आतीं और महीने में सिर्फ 2 से 5 दिन ही उपस्थिति दर्ज कराती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को संदेह हो तो विश्वविद्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सच्चाई सामने लाई जा सकती है।

 

मामला यहीं नहीं रुकता। सुधाकर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति के पुत्र आदर्श कुमार, जो वाराणसी में एक हत्या मामले के आरोपी बताए जा रहे हैं, उनकी कंपनी को विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग कार्यों का ठेका दिया गया है, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।

 

सांसद ने बिहार के कानून का हवाला देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में सीधे नियुक्ति का अधिकार नहीं है। यह प्रक्रिया बिहार लोक सेवा आयोग या अन्य अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से ही होनी चाहिए। इसके बावजूद कुलपति द्वारा लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं, जबकि कृषि मंत्री और राज्य सरकार द्वारा दो बार इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

 

इसके अलावा, उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र में नियुक्तियों में भी अनियमितता का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सात पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए आठवें व्यक्ति को प्रोफेसर बना दिया गया।

 

सांसद ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में बाहरी राज्य, खासकर उत्तर प्रदेश के लोगों को नियुक्त किया जा रहा है, जिससे बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।

 

अब इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और जांच की मांग तेज हो गई है।

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