भागलपुर के तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय अंतर्गत टीएनबी कॉलेज में शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी के छात्रों ने नामांकन शुल्क माफी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को छात्रों की मांगों के आगे झुकना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि छात्राओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति यानी एससी-एसटी वर्ग के लिए निशुल्क नामांकन को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी किया गया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने इस आदेश को समय पर लागू नहीं किया। इसके कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस सुविधा से वंचित रह गए।
छात्रों ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आदेश की जानकारी उन्हें देर से मिली, तब तक कई छात्र-छात्राएं नामांकन शुल्क जमा कर चुके थे। इससे छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई और इसी के विरोध में एबीवीपी ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्राचार्य ने छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान एबीवीपी के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा।
बैठक के बाद कॉलेज प्राचार्य ने छात्रों की मांगों को स्वीकार कर लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब छात्राओं और एससी-एसटी वर्ग के छात्रों का नामांकन पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा। साथ ही, जिन छात्रों ने पहले ही नामांकन शुल्क जमा कर दिया है, उनकी राशि भी वापस की जाएगी। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने जल्द प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
इस प्रदर्शन में एबीवीपी के मंत्री लक्ष्मण कुमार, अध्यक्ष समेत कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
फिलहाल छात्रों की मांगें माने जाने के बाद कॉलेज परिसर में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक लापरवाही पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
