कटिहार जिले के फलका थाना से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां थाना हाजत में बंद एक कैदी की मौत के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, छिनतई के एक मामले में गिरफ्तार अभियुक्त राकेश कुमार यादव उर्फ कैला यादव को फलका थाना की हाजत में रखा गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जब पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी मिली, तो उसे गंभीर हालत में तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को नाजुक देखते हुए उसे अनुमंडल अस्पताल कोढ़ा रेफर किया गया। लेकिन वहां भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल कटिहार भेजने का निर्णय लिया। दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राकेश की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि पुलिस कस्टडी में पिटाई के कारण हुई है। इसी आरोप को लेकर गुस्साए लोगों ने कुर्सेला-फारबिसगंज स्टेट हाईवे-77 को जाम कर दिया और जमकर प्रदर्शन किया। सड़क जाम के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के अनुसंधानकर्ता और फलका थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कस्टडी में सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
