खबर बिहार के सहरसा से है, जहां जिले में पेट्रोल और डीजल की कथित कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को स्थानीय विकास भवन में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की समीक्षा करना और आम लोगों के बीच फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाना था। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि सहरसा जिले में न तो पेट्रोल की कोई कमी है और न ही डीजल की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों या गलत सूचनाओं के कारण लोगों के बीच अनावश्यक डर और घबराहट का माहौल बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
डीएम दीपेश कुमार ने बताया कि जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों से मिली जानकारी के अनुसार हर पंप पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन की खरीदारी करें, ताकि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति न बने।
स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम भी उठाए हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि आज से विभिन्न पेट्रोल पंपों की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाएगी। ये मजिस्ट्रेट नियमित रूप से पंपों का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी और जिले के कई पेट्रोल पंप संचालक भी मौजूद रहे। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुल मिलाकर प्रशासन ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
