सहरसा में बुधवार को 73वां जिला स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस खास अवसर पर पूरे शहर में जश्न का माहौल देखने को मिला। सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के आवासों में दीप जलाकर स्थापना दिवस को यादगार बनाया गया, जिससे शहर का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय नजर आया।
मुख्य कार्यक्रम शहर के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया, जहां भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी दीपेश कुमार, डीडीसी गौरव कुमार, नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा और कला संस्कृति पदाधिकारी स्नेहा कुमारी समेत अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। कलाकारों ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से सहरसा की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने सहरसा वासियों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए “हैप्पी बर्थडे सहरसा” कहा। उन्होंने जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि कई अहम परियोजनाएं जल्द ही धरातल पर पूरी होती नजर आएंगी।
उन्होंने बताया कि मत्स्यगंधा स्थल को दिसंबर तक एक नए और विकसित स्वरूप में तैयार किया जाएगा। वहीं, नगर निगम क्षेत्र में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। हालांकि इसकी समयसीमा वर्ष 2028 निर्धारित है, लेकिन प्रशासन का लक्ष्य इसे 2027 तक पूरा कर जनता को समर्पित करना है।
इसके अलावा उग्रतारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य भी इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने की योजना है। मंडन मिश्र धाम के निर्माण कार्य को भी इसी साल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही एनएच-327 और एनएच-107 से जुड़ी सड़क परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का जिक्र करते हुए डीएम ने बताया कि सरकारी स्कूलों में साप्ताहिक टेस्ट शुरू होने से छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई के प्रति रुचि में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सहरसा भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
