भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड अंतर्गत मध्य विद्यालय गंगोता शाहजंगी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मिड डे मील खाने के बाद करीब 59 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और सीने में दर्द की शिकायत होने लगी, जिसके बाद आनन-फानन में सभी को सदर अस्पताल भागलपुर में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और पीड़ित बच्चों व उनके परिजनों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों से भी बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। डॉक्टरों के अनुसार, सभी बच्चों का इलाज जारी है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है।
पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि स्कूल में मिड डे मील खाने को लेकर जबरदस्ती की गई। बच्चों का कहना है कि खाना खराब था, उसमें बदबू आ रही थी और कीड़े जैसी चीजें भी दिखाई दे रही थीं। इसके बावजूद विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार भारती द्वारा बच्चों को जबरन खाना खाने के लिए मजबूर किया गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मिड डे मील किसी एनजीओ के माध्यम से तैयार कराया गया था और इसी में लापरवाही के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अस्पताल परिसर से ही मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, जिला अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से बात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक दोषी प्राचार्य और संबंधित एनजीओ के कर्मचारियों पर विधि सम्मत कार्रवाई नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था और मिड डे मील योजना पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
