पटना जिले के मसौढ़ी प्रखंड के चरमा पंचायत स्थित तिसखोरा गांव से एक भावुक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बेटे ने 18 साल से लापता अपने पिता को मृत मानते हुए पुआल का पुतला बनाकर पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ उनका दाह संस्कार कर दिया।

बताया जाता है कि श्याम नारायण पटेल नामक व्यक्ति करीब 18 साल पहले घर छोड़कर कहीं चले गए थे और उसके बाद कभी वापस नहीं लौटे। उनकी पत्नी राजमणि देवी और बच्चों ने लंबे समय तक उनका इंतजार किया, लेकिन कोई खबर न मिलने के कारण आखिरकार परिवार ने उम्मीद छोड़ दी।

श्याम नारायण के बेटे चंदन कुमार ने बताया कि जब वे छोटे थे, तभी उनके पिता घर से चले गए थे। आज वे बड़े हो चुके हैं, लेकिन पिता की कोई याद या चेहरा तक ठीक से याद नहीं है। वर्षों तक खोजबीन और इंतजार के बाद परिवार ने उन्हें मृत मानने का फैसला किया।

परिवार ने पुआल का पुतला बनाकर उसे अर्थी पर सजाया और पूरे गांव में शव यात्रा निकाली। इसके बाद नदी घाट पर विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान गांव के लोग भी मौजूद रहे और परिवार के इस निर्णय में साथ दिया।

परिजनों के अनुसार, श्याम नारायण पटेल एक राजनीतिक दल से जुड़े हुए थे और अक्सर पार्टी के काम से बाहर रहते थे। उन पर कुछ आपराधिक मामले भी दर्ज थे, जिसके चलते पुलिस भी समय-समय पर उनकी तलाश में घर आती रही। हालांकि, इतने वर्षों में उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

पत्नी राजमणि देवी ने कहा कि उन्होंने बहुत इंतजार किया, लेकिन अब उन्होंने खुद को विधवा मान लिया है। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि इतने लंबे समय तक कोई जानकारी न मिलने के कारण यह कदम उठाया गया।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार के टूटे हुए इंतजार की कहानी है, बल्कि उस दर्द को भी दर्शाती है, जब उम्मीद पूरी तरह खत्म हो जाती है।

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