चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती आज बोकारो में जैन समाज द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। इस मौके पर सेक्टर-2 स्थित जैन मिलन में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बोकारो में भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव को लेकर जैन समाज में खासा उत्साह देखने को मिला। सेक्टर-2 स्थित जैन मिलन परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और प्रार्थना के साथ की गई।
इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्ति गीतों और प्रवचनों के माध्यम से भगवान महावीर के जीवन और उनके सिद्धांतों को प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि जैन समाज द्वारा एक रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रक्तदान किया और मानव सेवा का संदेश दिया। आयोजन समिति के अनुसार, इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंदों की मदद करना और समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य और अपरिग्रह के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब समाज कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में भगवान महावीर के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं।
जैन समाज के सदस्य सुशील वैद ने बताया कि लगभग 2600 वर्ष पूर्व भगवान महावीर ने जो सिद्धांत दिए थे, वे आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारा जाए, तो समाज में शांति, सौहार्द और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने एकजुट होकर भगवान महावीर के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। बोकारो में मनाई गई यह महावीर जयंती न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि समाज को सेवा, सद्भाव और नैतिकता का संदेश भी दे गई।
