अपनी सख्त छवि और बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व IPS अधिकारी शिवदीप वामनराव लांडे इन दिनों अपने जीवन के सबसे भावुक दौर से गुजर रहे हैं। मुंबई के एक अस्पताल के आईसीयू में अपनी बेटी गौरी को देखते हुए उन्होंने एक ऐसा संदेश साझा किया, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों की आंखें नम कर दी हैं।

 

यह कहानी सिर्फ एक पिता और बेटी के रिश्ते की नहीं, बल्कि उस अद्भुत त्याग की है, जिसमें एक बेटी ने अपने पिता को नया जीवन देने के लिए अपनी किडनी दान कर दी। लांडे ने अपने संदेश में लिखा कि जीवन में उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी विचलित नहीं हुए। मगर अपनी बेटी के इस एक फैसले ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

 

उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “गौरी, जीवन की हर चुनौती के सामने मैं अडिग रहा, लेकिन तुम्हारे इस निर्णय ने मुझे पूरी तरह बदल दिया। अपने पिता को जीवन देने के लिए तुमने जो संकल्प लिया, उसके आगे मैं नतमस्तक हूं।”

 

लांडे ने बीते 90 दिनों के संघर्ष को भी याद किया, जिसमें गौरी ने लगभग अकेले ही सारी जिम्मेदारियां निभाईं। दर्जनों मेडिकल जांच, कानूनी प्रक्रियाएं और अस्पताल के लगातार चक्कर—इन सबके बीच गौरी ने अद्भुत साहस और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि वे इस दौरान केवल एक मूक दर्शक बनकर अपनी बेटी को देखते रहे।

 

इस घटना ने उन्हें जीवन के रिश्तों की सच्चाई भी समझाई। उन्होंने लिखा कि मुश्किल समय में कई रिश्ते कमजोर पड़ जाते हैं, लेकिन बेटी हर परिस्थिति में मजबूती से साथ खड़ी रहती है। “जब सब साथ छोड़ देते हैं, तब बेटी ही सबसे बड़ा सहारा बनती है,” उन्होंने भावुक होकर कहा।

 

फिलहाल किडनी ट्रांसप्लांट के बाद पिता और बेटी दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं। यह घटना एक मिसाल बनकर सामने आई है, जो न सिर्फ पारिवारिक रिश्तों की गहराई दिखाती है, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और त्याग की भी अनोखी कहानी बयां करती है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *