नवादा जिले के रोह प्रखंड मुख्यालय स्थित रोह बाजार में शनिवार को हुए उपद्रव के बाद हालात अब भी सामान्य नहीं हो सके हैं। घटना के चार दिन बाद मंगलवार को भी बाजार में सन्नाटा पसरा रहा और ज्यादातर दुकानदारों ने अपनी दुकानें नहीं खोलीं। गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई के डर से व्यापारी घरों में ही रहने को मजबूर दिखे।

 

सुबह करीब 10:30 बजे तक बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं। हालांकि, स्थिति में हल्का सुधार जरूर देखने को मिला, जब डरते-डरते दवा, राशन, फल और मिठाई की करीब दर्जन भर दुकानें खुलीं। लेकिन ग्रामीण इलाकों से ग्राहकों के नहीं पहुंचने के कारण बाजार की रौनक वापस नहीं लौट सकी।

 

वहीं, पूरे इलाके में पुलिस-प्रशासन की गतिविधियां तेज रहीं। लगातार गश्त करती पुलिस गाड़ियों के सायरन से आम लोगों में सुरक्षा की भावना तो बनी, लेकिन व्यापारियों का डर अभी भी कम नहीं हुआ है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि उपद्रव के बाद दर्ज प्राथमिकी में 50 नामजद और 100 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिससे निर्दोष लोगों के फंसने की आशंका बढ़ गई है।

 

दरअसल, शनिवार देर शाम श्री रामनवमी शोभायात्रा के दौरान शरारती तत्वों द्वारा पथराव और आगजनी की घटना के बाद स्थिति बिगड़ गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की, लेकिन इसी कार्रवाई के डर से दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद रखीं।

 

दुकानदारों ने प्रशासन से अपील की है कि निर्दोष लोगों को किसी भी हाल में परेशान न किया जाए और स्पष्ट आश्वासन दिया जाए। उनका मानना है कि पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संवाद से ही हालात जल्दी सामान्य हो सकते हैं।

 

रोह थानाध्यक्ष राहुल अभिषेक ने बताया कि दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है और लोगों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि निर्दोषों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और बाजार फिर से गुलजार होगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *