बिहार के कैमूर जिले से एक बहुचर्चित खबर सामने आई है, जहां भगवानपुर थाना क्षेत्र के मुशहरवा बाबा घाटी के पास रविवार देर शाम एक नक्सली देखने से इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच गाड़ी ने सड़क के किनारे किनारे के किनारे में पोखर को बैठा देखा। उस समय सामीत रजिस्ट्री पर मौजूद पुरातात्विक भंडारी शर्मा को तुरंत इसकी सूचना दी गई।
सूचना सूचना ही पुलिस टीम की ओर से निरीक्षण और जांच शुरू। पुलिस ने शिखर की रोशनी में ज्वालामुखी के पास के पत्थरों को देखा, लेकिन लोगों के घर और रोशनी ही जंगल की ओर भाग गए। इसके बाद भी पुलिस टीम ने काफी देर तक इलाके में हिंसा और स्थिति पर नजर रखी।
घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गयी। वन विभाग की फॉरेस्टर प्रतिभा भारती ने बताया कि पैंथर देखने की जानकारी मिली है, लेकिन विभाग की ओर से किसी भी जंगली जानवर को बाहर नहीं निकाला गया है। उन्होंने कहा कि जंगल जंगल का प्राकृतिक आवास है और कैमूर के पहाड़ कई राज्यों से जुड़े हुए हैं क्योंकि यहां जंगल का प्राकृतिक आवास नहीं है। ऐतिहासिक रूप से भी यह क्षेत्र बाघ एवं अन्य भिक्षुओं का निवास स्थान है।
आस-पास के अध्ययनों से पता चलता है कि भय का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से एहतियात की अपील की है। विशेष रूप से चारवाहों और रात के समय दोपहिया वाहनों से श्रमिक लोगों को रहने और अंधेरे में घाटी की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
विज्ञापित है कि यह सड़क अधौरा और उत्तर प्रदेश के जिला मुख्यालय तक पहुंचने का मुख्य मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग निकलते हैं। ऐसे में किसी भी समय खतरे का जन्म हो सकता है। प्रशासन एवं वन विभाग की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
