भागलपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SDM कार्यालय में छापेमारी कर दो कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और पूरे मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, नाथनगर आपूर्ति कार्यालय में कार्यरत अभिजीत कुमार से सेवा संपुष्टि के नाम पर 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इस संबंध में अभिजीत कुमार ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पटना से निगरानी विभाग की टीम गठित की गई और मामले की जांच शुरू की गई।
निगरानी विभाग की टीम डीएसपी विद्यांचल प्रसाद के नेतृत्व में भागलपुर पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि देने के लिए भेजा गया। कार्रवाई के दौरान स्टेनो प्रेम कुमार ने अभिजीत कुमार से कहा कि वह रिश्वत की रकम लिपिक मयंक कुमार को दे दें।
जैसे ही अभिजीत कुमार ने 70 हजार रुपये मयंक कुमार को सौंपे, पहले से घात लगाए निगरानी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया।
इस कार्रवाई के बाद SDM कार्यालय समेत पूरे प्रशासनिक विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी और कर्मचारी इस घटना को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। वहीं, आम लोगों में भी इस कार्रवाई को लेकर संतोष देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी की शिकायतें मिलती रही हैं।
निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई एक सख्त संदेश देती है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।
