पटन बिहार के शेरघाटी जिले से मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता अली खान इन दिनों बिहार दौरे पर हैं। करीब 45 साल पहले हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई पहुंचे अली खान की किस्मत ने उन्हें विलेन के रूप में स्थापित किया। उन्होंने और भी फिल्मों में नेगेटिव किरदार निभाए और खास पहचान बनाई उन्हें अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘खुदा गवाह’ से मिली।
अब अली खान अपने राजनीतिक सपने को बेटों के जरिए पूरा करने जा रहे हैं। उनके बेटे फैयाज खान जल्द ही फिल्म ‘आज के शोले’ से सुपरस्टार हीरो बॉलीवुड में कदम रखने वाले हैं। यह फिल्म एक्शन और कॉमेडी पर आधारित है, जिसे बच्चों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अली खान का कहना है कि क्लासिक फिल्म ‘शोले’ की पेशकश पर इस फिल्म को आधुनिक तरीके से पेश किया गया है, हालांकि इसकी पूरी कहानी नई है।
इस फिल्म के निर्देशक अहमद अहमद कर रहे हैं और इसकी शूटिंग का बड़ा हिस्सा चुकाया जा चुका है। निर्माता इसे जल्द ही रिलीज करने की तैयारी में हैं। अली खान को उम्मीद है कि फिल्म रिलीज के बाद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन होगा।
पटना में एक कार्यक्रम के दौरान अली खान को अपने करियर के शुरुआती दिन भी याद आ गए। उन्होंने बताया कि उन्हें पहला मौका ‘बिहारी बाबू’ शत्रुघ्न सिन्हा ने फिल्म ‘कालका’ में दिया था, जिसकी शूटिंग डूब और झारखंड में हुई थी। इस फिल्म में उन्होंने मगही भाषा में डायलॉग भी बोला था।
अली खान ने मगही भाषा के संरक्षण और प्रचार पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि मगही में फिल्मों का निर्माण होना चाहिए और बिहार के कलाकारों को अधिक अवसर मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में कई खूबसूरत खूबसूरत मूर्तियां हैं, जहां फिल्मों की शूटिंग हो सकती है।
उन्होंने फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों से अपील की कि वे बिहार की प्रतिभा और प्रेरणाओं का उपयोग करें, ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिल सके और क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।
