जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत पबिया पंचायत के पतयोरडीह गांव में इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गांव के करीब 20 घरों के लोग मात्र एक चापाकल के सहारे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि इस एकमात्र चापाकल से भी तुरंत पानी नहीं निकलता, बल्कि इसे लगभग 5 मिनट तक लगातार चलाने के बाद ही पानी मिल पाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। सुबह से लेकर शाम तक पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। कई बार तो लोगों को अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत के मुखिया जल सिंह बेसरा को अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ती जा रही है।
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और गांव में अतिरिक्त चापाकल या अन्य पेयजल स्रोतों की व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल, पतयोरडीह के लोग हर दिन पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं।
