मनोवैज्ञानिकों से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस विभाग में सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जलारे ने एक और कड़ा कदम उठाया है। सीसीटीएनएस शाखा में सीसीटीएनएस शाखा में पदस्थापित सिपाही संख्या 367 इलेक्ट्रोड कुमार को घूंट लेने के आरोप में इलेक्ट्रिक इम्पैक्ट से निलंबित कर दिया गया है।

दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें सिपाही धर्मेंद्र कुमार के कैरेक्टर सर्टिफिकेट-पत्र बनाने के नाम पर एक व्यक्ति से पैसे लेते हुए दिखाया गया था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद वियोज्य ने इसे सेलेक्ट कर लिया और नीचे दी गई जांच के आदेश दे दिए।

जांच की जिम्मेदारी बिजनेसला स्टेशन के अध्यक्ष को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित सिपाही ने वास्तव में लेन-देन किया था। थाना अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि एक व्यक्ति से अवैध रूप से धन लिया गया है। इतना ही नहीं, पूछताछ के दौरान भी डेमोक्रेट कुमार कोई पासपोर्ट जवाब नहीं दे सके।

रिपोर्ट में बताया गया है कि डॉक्टर ने बिना किसी प्रतिबंध के सख्त कार्रवाई करते हुए कर्मचारी सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, सुपरस्टार स्थापित किया गया है।

सामुद्रिक है कि मठ जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी की कार्यशैली इन दिनों काफी चर्चा में है। वे समग्र मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहे हैं और किसी भी तरह के स्टार्स या स्टार्स को पूरी तरह से अनदेखा नहीं कर रहे हैं।

इस प्रभाव का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्मचारियों के प्रति अधिक सतर्कता और जिम्मेदारी वाले हो रहे हैं। वहीं आम जनता के बीच भी इसके विरोध में यह संदेश दिया गया है कि सुपरस्टार पुलिस अब पूरी तरह से गंभीर है और किसी भी हालत में उसे माफ नहीं किया जाएगा।

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