पटना से इंसानियत को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। चैती दुर्गा पूजा मेला में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर देखा गया कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि बच्ची अपने परिवार के साथ गांव में मिली थी, जहां भीड़भाड़ के दौरान वह अपने बंगले से बिछड़ गई थी।
जब ईजेल ने बच्ची को पास नहीं देखा तो उसने तुरंत उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी देर तक परिवार के छापे के बाद भी जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तो के लोग पूरे इलाके में मंदिर के पीछे बने रहे। वहीं से उन्हें बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब संयुक्त उद्यम पर बच्चा गंभीर रूप से अर्धवार्षिक अवस्था में मिला। उसके शरीर से खून बह रहा था, जिसे देखकर आंशिक और स्थानीय लोग सन्न रह गए।
बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। नवजात शिशु का इलाज जारी है, लेकिन वह ट्रेलर प्लांट में है और कुछ भी वर्णित स्थिति में नहीं है।
घटना की सूचना मिलते ही भदौर थाना पुलिस ने निरीक्षण और जांच शुरू कर दी है। पुलिस को पता चला कि बच्ची अपनी दादी के साथ मेला देख रही थी और उसी दौरान लापता हो गई। पुलिस ने एफएसएल टीम को स्टॉक मॅक से पवित्र रसायन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो गई, हालांकि बच्ची की हालत पर गंभीर अपराध का खतरा मंडरा रहा है।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में लिबरेशन और रेस्टॉरेंट का तानाशाह है। रियल एस्टेट ने बेघर की जल्दबाज़ी और कड़ी सज़ा की मांग की है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि जल्द ही ब्लास्ट को जल्द ही काला कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
