हाजीपुर जिले के निगरानी विभाग (विजिलेंस) की टीम ने खनन विभाग के एक सहयोगी और उसके सहयोगी को 50 हजार रुपये की रिश्वत देकर रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे कार्यालय में तोड़फोड़ मची है और दिव्यांगों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, खनन विभाग में सांख्यिकी विभाग के निदेशक राहुल कुमार पर आरोप है कि उन्होंने एक गिट्टी दुकान के लाइसेंस जारी करने के बदले में 70 हजार रुपये की मांग की थी। इतनी बड़ी नोटबंदी की मांग से परेशान व्यंग्यकारों ने इसकी सूचना पर्यवेक्षक विभाग को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया।
जांच के दौरान दोनों पक्षों के बीच 50 हजार रुपये की डील हुई। जैसे ही उन्होंने राहुल कुमार और उनके सहयोगी मोहम्मद कुमार के साथ एनबीए में नकदी हासिल की, पहले से ही तैयार विजिलेंस टीम ने उन्हें अपने कब्जे में ले लिया। टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से अपहरणकर्ताओं की पूरी रकम भी बरामद कर ली।
कार्रवाई के बाद मॉस्क पर मौजूद पर्यवेक्षण विभाग के विश्लेषक सदानंद कुमार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि चार लोगों ने गिट्टी स्टोर के लाइसेंस के लिए 70 हजार रुपये की मांग की थी, जो जांच में सही पाया गया। इसके बाद दोनों को मंजूरी दे दी गई।
निकोलस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार किये गये दोनों पक्षों को अब आर्किटेक्चर प्रक्रिया के तहत जेल भेजा जा रहा है। इस कार्रवाई से साफा संदेश गया है कि निर्माण कार्य के पर्यवेक्षण विभाग के खिलाफ सख्त रुख अपनाया गया है और किसी भी हाल में किसी भी तरह का समर्थन नहीं किया जाएगा।
