बिहार की राजधानी पटना में स्थित 2026 को लेकर इस बार विशेष और भव्य प्रतिमाएं प्रस्तुत की गई हैं। 27 मार्च को मनाए जाने वाले इस पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने सामूहिक रूप से व्यापक व्यवस्था की है।
मंदिर के सचिव सायन विशेष के अनुसार, रामनवमी के दिन मंदिर का पट रात 2 बजे ही खोल दिया जाएगा। सबसे पहले क़तार में बाक़ी दर्शन करने वाले 10 शिष्यों को भी सम्मानित किया गया। दोपहर 12 बजे आरती के बाद फूल-माला और प्रसाद के साथ प्रवेश पर रोक रहेगी।
इस बार भक्तों के लिए विशेष नैवेद्यम प्रसाद की व्यवस्था की गई है। करीब 18 हजार किलों का दूध तैयार हो रहा है, जिसे 24 हजार किलों तक का खर्चा मिल सकता है। साथ ही 51-51 किलों के दो विशेष लोध भगवान को भोग लगाने के बाद व्यापारी में पूड़े जायेंगे।
गर्मी को देखते हुए मंदिर के गर्भगृह में 80 टन क्षमता का अनुमान लगाया गया है। बाहर क़्वार्ट में किरायेदारों के लिए पानी, दीपक, शौचालय, मेडिकल टीम और तीर्थयात्रियों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा के लिए स्कूल कंट्रोल रूम बनाया गया है और अतिरिक्त पुलिस बल के साथ महिला स्टाफ की व्यवस्था होगी।
भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर के बाहर 20 बड़े सुपरमार्केट स्क्रीनप्लेंट जा रहे हैं, जिससे राक्षस लाइव दर्शन करा सकते हैं। प्रवेश उत्तर द्वार से और निर्वात पूर्वी द्वार से होगा, जबकि सब-वे के बाहर आर्च की व्यवस्था की गई है।
मल्टीपल स्टोर्स और बुद्धा पार्क में विशेष व्यवस्था की योजना है। शाम को 52 हुनियन मंदिरों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
मंदिर प्रशासन ने सभी धार्मिक स्थलों के साथ धार्मिक व्यवहार की अपील की है, ताकि यह आयोजन सुरक्षित और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
