बिहार के लखीसराय जिले में जिला स्तरीय सतर्कता समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों और मैन्युअल स्कैवेंजिंग से जुड़े मुद्दों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम मिथिलेश मिश्र ने की।

डीएम कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में सूर्यगढ़ा के जदयू विधायक रामानंद मंडल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे। बैठक के दौरान डीएम मिथिलेश मिश्र ने एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की बिंदुवार समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।

 

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और पीड़ितों को समय पर न्याय मिले। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

इसके अलावा, बैठक में मैन्युअल स्कैवेंजिंग जैसी कुप्रथा को समाप्त करने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इस अमानवीय प्रथा के खिलाफ ठोस और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि इसे जड़ से खत्म किया जा सके।

 

अधिकारियों ने बताया कि एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत हर तीन महीने में इस प्रकार की समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। इन बैठकों में मुआवजा वितरण, गवाही की स्थिति, कोर्ट वारंट और मामलों के निष्पादन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की जाती है।

 

इसी क्रम में हाल ही में हलसी थाना क्षेत्र में हुई महिला सब्जी विक्रेता की हत्या के मामले में मृतका के परिजनों को सरकारी सहायता प्रदान की गई। इस तहत 4 लाख 12 हजार रुपये की मुआवजा राशि सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल द्वारा डमी चेक के माध्यम से परिजनों को सौंपी गई।

 

बैठक के बाद जिला प्रशासन ने दोहराया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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