मंगलवार, 24 मार्च 2026 को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है, जिसे धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है। इस तिथि के अधिपति भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है, विशेषकर जमीन-जायदाद की खरीद, नए गहनों की खरीदारी या किसी स्थायी कार्य की शुरुआत के लिए यह दिन अत्यंत अनुकूल है। आज रोहिणी व्रत भी मनाया जा रहा है और इस तिथि को स्कंद षष्ठी के रूप में भी जाना जाता है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर करते हुए रोहिणी नक्षत्र में स्थित रहेंगे। रोहिणी नक्षत्र को स्थिर और शुभ प्रकृति का माना जाता है। यह वृषभ राशि के 10 डिग्री से 23:20 डिग्री तक विस्तृत होता है। इस नक्षत्र के देवता ब्रह्मा और स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं, जो सृजन, वृद्धि और स्थायित्व के प्रतीक माने जाते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में कुआं खोदना, भवन की नींव रखना, नया घर या नगर बसाना, पौधरोपण, बीज बोना, देव प्रतिष्ठा और मंदिर निर्माण जैसे कार्य करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। इसके अलावा प्रायश्चित कर्म, राज्याभिषेक और अन्य दीर्घकालिक कार्यों की शुरुआत के लिए भी यह समय श्रेष्ठ माना गया है।

हालांकि, दिन में कुछ अशुभ समय भी रहेंगे, जिनमें सावधानी बरतना आवश्यक है। राहुकाल दोपहर 3:31 बजे से शाम 5:03 बजे तक रहेगा, इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। साथ ही यमगंड काल, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे समय में भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

कुल मिलाकर, यह दिन धार्मिक और स्थायी कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल है—बस शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना जरूरी है।

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