बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराबबंदी का नाम नहीं ले रही है। टीचर अब नए-नए तरीके से अपनेकर लॉ को ओपन चैलेंज दे रहे हैं। राजपुर थाना क्षेत्र का ताजा मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने भारी मात्रा में एक एंबुलेंस से अंग्रेजी शराब बरामद कर टैंकरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
दरअसल, राजपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक एम्बुलेंस बिहार में शराब की बड़ी मस्जिद लाई जा रही है। सूचना के आधार पर प्रभारी श्रीनिवास कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने खुफिया जांच अभियान शुरू किया। इसी दौरान सरेंजा गांव के पास ऑटोमोबाइल्स एम्बुलेंस को रोककर उसकी पनडुब्बी ली गई।
इस बीच जो सामने आया, वह सब हैरान रह गया। एम्बुलेंस के अंदर से कुल 452.16 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग ब्रांड की कुल 52 पेटियां शराब जब्त की गई हैं। नौबतपुर थाना क्षेत्र के सदीसोपुर गांव निवासी मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि शराब का यह मंदिर उत्तर प्रदेश से देवलपुल के रास्ते बिहार जा रहा था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए बदमाशों ने एम्बुलेंस जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, राजपुर पुलिस की एसआईटी का यह चालान फेल हो गया।
निगम प्रभारी निवास कुमार ने बताया कि इस मामले में गेस्ट हाउस से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को पता चला है कि इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही एम्बुलेंस के मालिक और इसके पूर्व उपयोग की भी जांच की जा रही है।
इस घटना में एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया गया है कि शराब माफिया अब कानून से बचने के लिए किस हद तक जा सकते हैं और उन्हें प्रतिबंधित और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
