पटना में बिहार दिवस 2026 के अवसर पर पूरे राज्य में उत्साह और उल्लास का माहौल है। इस खास मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को तीन असंतुष्टों का पत्र लिखकर बिहारवासियों को हार्दिक बधाई दी है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने बिहार के समृद्ध इतिहास, गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण में अपने महत्वपूर्ण योगदान की जानकारी दी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि गुजरात की प्रगति में बिहार के लोगों की अहम भूमिका रही है, जो राज्य की मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री का लाजवाब भाषण देते हुए इसे बिहार के गौरव का विषय बताया। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास, सामाजिक न्याय और सुशासन की प्रतिकृति अपनी दोहरीकरण और केंद्र सरकार की सहायता के लिए धन्यवाद दिया।
मान्यता है कि 22 मार्च 1912 को बिहार को एक स्वतंत्र प्रांत की स्थापना मिली। इस साल बिहार अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा है। राजधानी के ऐतिहासिक में मुख्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री शाम 5 बजे करेंगे। ‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ थीम पर 22 से 24 मार्च तक तीन दिव्य महोत्सव का आयोजन हो रहा है।
इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैं। 22 मार्च को, 23 मार्च को और 24 मार्च को अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे।
कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य, ग़ज़ल और मुशायरा के साथ-साथ लोक कलाकारों के प्रसिद्ध लोकनाटक ‘ग घीबर चोर’ का मंचन भी किया जाएगा। इसके अलावा ‘बुद्धचरित्र’ नृत्य-नाटिका और भरतनाट्यम जैसी आकर्षक प्रस्तुतियाँ भी शामिल हैं। 23 मार्च को हास्य कवियों के नेतृत्व में कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।
गांधी मैदान में व्यंजन मेला, पुस्तक मेला, शिक्षा मित्र और विकास प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। पटना के रिकॉर्ड डॉ. त्यागराजन एस.एम ने लोगों से इस महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है, ताकि बिहार की समृद्ध संस्कृति और विकास यात्रा और बस्ती मिल सके।
