हैदराबाद: आज रविवार, 22 मार्च 2026 को चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह तिथि बुद्धि, रणनीति और विघ्नों को दूर करने से जुड़ी होती है। हालांकि, इसे रिक्ता तिथि भी कहा जाता है, जिसके कारण इस दिन किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

पंचांग के अनुसार आज चंद्रमा मेष राशि में गोचर कर रहा है और भरणी नक्षत्र का प्रभाव पूरे दिन बना रहेगा। भरणी नक्षत्र के देवता यम माने जाते हैं और इसका स्वामी ग्रह शुक्र है। ज्योतिष शास्त्र में इस नक्षत्र को उग्र और क्रूर स्वभाव का माना गया है। ऐसे में इस नक्षत्र के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत करना उचित नहीं माना जाता।

हालांकि, कुछ विशेष प्रकार के कार्यों के लिए यह समय अनुकूल बताया गया है। जैसे—कठोर या साहसिक कार्य, प्रतियोगिता में भाग लेना, कृषि कार्य, कुआं खोदना, औषधि निर्माण या अग्नि से जुड़े कार्य करना इस दौरान लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा हथियार संबंधी कार्य और पेड़ों की कटाई जैसे कार्य भी इस नक्षत्र में किए जा सकते हैं। वहीं, इस दिन किसी को धन उधार देना अशुभ माना गया है, इसलिए आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतने की जरूरत है।

दिन के वर्जित समय की बात करें तो आज शाम 5 बजकर 2 मिनट से 6 बजकर 33 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना गया है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् जैसे समयों से भी बचने की सलाह दी जाती है।

कुल मिलाकर, आज का दिन योजनाएं बनाने, रणनीति तैयार करने और कठिन कार्यों को अंजाम देने के लिए तो ठीक है, लेकिन किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य के लिए अनुकूल नहीं माना जा रहा है।

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