मुजफ्फरपुर: मेहनत, लगन और लगातार प्रयास के दम पर आर्थिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए मुजफ्फरपुर के बैरिया निवासी घनश्याम जायसवाल ने बड़ी सफलता हासिल की है. घनश्याम का चयन संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की परीक्षा के जरिए असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ है. उनके पिता बैरिया बस स्टैंड पर ठेले पर चाय-नाश्ते की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं.
घनश्याम सात भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं. परिवार की सीमित आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्होंने पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाए रखा. उन्होंने बैरिया स्थित नथुनी भगत विद्यालय से 10वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद रामेश्वर सिंह कॉलेज से साइंस विषय में 12वीं की पढ़ाई पूरी की और आगे राजनीति विज्ञान से ऑनर्स किया. ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी.
घनश्याम ने बताया कि 12वीं के दौरान उन्होंने IIT-JEE की परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने हार मानने के बजाय UPSC को अपना लक्ष्य बनाया. पिछले 5-6 वर्षों से वह रोजाना करीब 9 से 10 घंटे पढ़ाई करते रहे. उनका रूटीन काफी अनुशासित रहा. रात में देर तक पढ़ाई करने के बाद सुबह उठकर कुछ बच्चों को पढ़ाते थे और फिर अपनी तैयारी में जुट जाते थे.
घनश्याम के मुताबिक UPSC की तैयारी में NCERT की किताबों और खुद के बनाए नोट्स ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे किताबों को खुद पढ़ें और अपने हाथ से नोट्स तैयार करें, ताकि विषय को बेहतर तरीके से समझा और लंबे समय तक याद रखा जा सके.
घनश्याम के पिता शत्रुघ्न शाह ने बताया कि आर्थिक स्थिति सामान्य होने के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई को कभी रुकने नहीं दिया. जरूरत पड़ने पर घनश्याम दुकान में थोड़ा सहयोग करते थे, लेकिन उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया.
असिस्टेंट कमांडेंट बनने के बाद भी घनश्याम का लक्ष्य बड़ा है. उन्होंने कहा कि वह आगे भी UPSC की तैयारी जारी रखेंगे और बेहतर रैंक हासिल कर देश की सेवा में बड़ी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करेंगे.





