बिहार के किशनगंज जिले में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने ई-शिक्षाकोश पोर्टल की समीक्षा के दौरान सात शिक्षकों को सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते पकड़ा है. बताया जा रहा है कि ये शिक्षक ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ विकल्प का गलत इस्तेमाल कर नियमित हाजिरी बना रहे थे, जबकि वे अपने स्कूलों में मौजूद ही नहीं थे.
जांच में सामने आया कि कई शिक्षक जिले से बाहर रह रहे थे और फिर भी पोर्टल पर उनकी उपस्थिति दर्ज हो रही थी. शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, सरकारी कार्य में लापरवाही और धोखाधड़ी माना है. डीईओ ने सभी आरोपित शिक्षकों से दो दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा है.
कार्रवाई की जद में आए शिक्षकों में सहादत हुसैन अंसारी, मो. नाहिद रजा, सोनम राय, प्रवीण कुमार, महबूब आलम, लोकेश कुमार और असगर बेलाल शामिल हैं. विभाग ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आरोप-पत्र जारी कर सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी. इसमें वेतन रोकने से लेकर निलंबन और बर्खास्तगी तक की कार्रवाई शामिल हो सकती है.
इस खुलासे के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. अब जिले के अन्य सरकारी स्कूलों की उपस्थिति रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं और शिक्षक भी इसी तरह फर्जी हाजिरी तो नहीं लगा रहे.
वहीं, इस घटना ने ई-शिक्षाकोश पोर्टल की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली पर्याप्त नहीं है. भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी मजबूत तकनीक लागू करना जरूरी होगा.


