सहरसा में AI से भ्रामक वीडियो बनाकर सरकार और महिला पुलिसकर्मियों को बदनाम करने का आरोप, युवक पर साइबर थाना में केस दर्ज
सहरसा में एआई तकनीक का कथित दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में साइबर थाना ने एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि फेसबुक पर बनाए गए वीडियो के जरिए सरकार, पुलिस प्रशासन और महिला पुलिसकर्मियों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।
वीओ : जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना से प्राप्त इनपुट के आधार पर सहरसा साइबर थाना ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस मुख्यालय ने सूचना दी थी कि फेसबुक पर ‘A One Media’ नामक प्रोफाइल से एआई तकनीक की मदद से कई भ्रामक और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। इन वीडियो में सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ दुष्प्रचार किए जाने के साथ-साथ महिला पुलिसकर्मियों के संबंध में भी अशोभनीय सामग्री साझा किए जाने का आरोप है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना सहरसा के अपर थानाध्यक्ष रवीश रंजन के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। तकनीकी अनुसंधान और सलखुआ थाना पुलिस के सहयोग से उक्त फेसबुक आईडी संचालक की पहचान सुजीत कुमार, पिता कमल यादव, निवासी ग्राम चौराही वार्ड संख्या-03, थाना सलखुआ, जिला सहरसा के रूप में की गई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई तकनीक का उपयोग कर झूठी अफवाहें फैलाना, भ्रामक सामग्री तैयार करना और किसी व्यक्ति, संस्था अथवा सरकारी तंत्र की छवि खराब करने का प्रयास करना गंभीर एवं संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर साइबर थाना सहरसा में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी पोस्ट, वीडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। साथ ही एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का जिम्मेदारीपूर्वक और कानून के दायरे में रहकर उपयोग करें, ताकि समाज में भ्रम और अफवाहों का माहौल न बने।