बिहार के मधेपुरा से देवर-भाभी के पवित्र रिश्ते की एक भावुक कहानी सामने आई है। यहां एक देवर अपनी भाभी के सपनों को पूरा करने के लिए हर समय उनके साथ खड़ा रहा, लेकिन अब एक सड़क हादसे में उसकी मौत हो गई।
मधेपुरा के एक गरीब परिवार में बड़े भाई की शादी हुई थी। शादी के बाद जब भाभी घर आईं तो उन्होंने अपने देवर से कहा कि उनका सपना बिहार पुलिस में जाने का था, लेकिन शादी के बाद लगता है कि यह सपना अधूरा रह जाएगा।
भाभी की यह बात सुनकर देवर ने इसे अपनी जिम्मेदारी मान लिया। उसने अपने बड़े भाई से बात की और भाभी की पढ़ाई में पूरा साथ देने लगा। देवर ने दो बार बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का फॉर्म भरवाया और परीक्षा भी दिलवाई, लेकिन थोड़ी कमी के कारण भाभी का चयन नहीं हो सका।
इसके बाद भी देवर ने हार नहीं मानी। उसने भाभी का डीएलएड (D.El.Ed) में नामांकन करवाया ताकि वह आगे चलकर शिक्षिका बन सकें और अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
लेकिन इसी बीच देवर एक सड़क हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई। देवर की मौत के बाद भाभी रोते हुए कहती हैं, “वह मेरे लिए लक्ष्मण जैसा था। उसने मुझे कभी गलत नजर से नहीं देखा। वह हमेशा चाहता था कि मैं सरकारी नौकरी करूं।”
यह कहानी सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि देवर-भाभी के पवित्र रिश्ते और महिला सशक्तिकरण की एक सच्ची मिसाल भी बन गई है।
