भागलपुर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी होने लगती है। इसे देखते हुए भागलपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह सतर्क और अलर्ट मोड में है। विभाग के अधिकारी और कर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके और नुकसान को कम से कम किया जा सके।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, फिलहाल उनके पास चार बड़ी दमकल गाड़ियां और नौ छोटी दमकल गाड़ियां उपलब्ध हैं। शहर और आसपास के क्षेत्रों में आग लगने की सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम से तुरंत टीम को रवाना कर दिया जाता है। कंट्रोल रूम में भी चौबीसों घंटे कर्मियों की तैनाती रहती है, जो हर कॉल पर नजर रखते हैं और स्थिति की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई करते हैं।
विभाग के पदाधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट, लापरवाही और खुले में आग जलाने की वजह से आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में विभाग की कोशिश रहती है कि त्वरित प्रतिक्रिया देकर आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया जाए।
हालांकि, विभाग के सामने एक बड़ी समस्या फॉल्स कॉल की भी है। अधिकारियों ने बताया कि कई बार लोग मजाक या गलत सूचना के तहत झूठी कॉल कर दमकल गाड़ियों को बुला लेते हैं। जब टीम मौके पर पहुंचती है तो पता चलता है कि कहीं आग लगी ही नहीं है। इससे न सिर्फ समय और संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि वास्तविक आपात स्थिति में देरी की आशंका भी बढ़ जाती है।
अग्निशमन विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे फॉल्स कॉल करने से बचें और केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही सूचना दें। विभाग का कहना है कि जनता के सहयोग से ही समय पर सही स्थान पर मदद पहुंचाई जा सकती है और बड़ी घटनाओं को टाला जा सकता है।
गर्मी के इस मौसम में सतर्कता और जिम्मेदारी ही आगजनी की घटनाओं को रोकने का सबसे बड़ा उपाय है।
