बिहार पुलिस सप्ताह-2026 के अवसर पर सहरसा जिले के सौरबाजार थाना परिसर में स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और सामाजिक भूमिका से अवगत कराना था, ताकि उनमें सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो सके।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को थाना की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस पदाधिकारियों ने बताया कि थाना कैसे कार्य करता है, शिकायत कैसे दर्ज की जाती है और पुलिस किस प्रकार आम जनता की सहायता करती है। बच्चों को यह भी समझाया गया कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा के लिए प्रतिबद्ध एक मित्र भी है।
इस अवसर पर बच्चों को एक जिम्मेदार और सजग नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और कानून का पालन करने का संदेश दिया। साथ ही ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, ताकि बच्चे अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रह सकें और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को सूचित कर सकें।
नशा मुक्ति के विषय पर भी विशेष रूप से जागरूकता फैलाई गई। बच्चों को बताया गया कि यदि आसपास कोई व्यक्ति नशा करता हुआ दिखाई दे, तो इसकी जानकारी अपने अभिभावकों या शिक्षकों को अवश्य दें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशा समाज के लिए घातक है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका जवाब पुलिस अधिकारियों ने सरल भाषा में दिया। सहरसा पुलिस का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा, जागरूकता और पुलिस के प्रति विश्वास की भावना को मजबूत करना है।
इस पहल से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा और पुलिस-जन संवाद को नई मजबूती मिली।
