बिहार के कैमूर जिले से मानव तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चैनपुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग बच्ची को नौकरी का झांसा देकर राजस्थान ले जाया गया, जहां कथित रूप से दो लाख रुपये में उसका सौदा कर दिया गया। आरोप है कि खरीदने वाले व्यक्ति ने उससे जबरन शादी कर ली। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया।

मामले की जानकारी तब सामने आई जब पीड़िता के परिजन पुलिस अधीक्षक से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाने पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि राजस्थान के सीकर जिले का रहने वाला महेश कुमार बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और वहां उसे एक अन्य व्यक्ति के हवाले कर दिया। इसके बाद जबरन शादी कराए जाने की बात सामने आई।

भभुआ एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चैनपुर थाना अध्यक्ष और महिला पुलिसकर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने राजस्थान के चूरू जिले के खरियाबाद बस्ती में छापेमारी कर नाबालिग को सकुशल बरामद किया।

पुलिस ने बच्ची को अपने कब्जे में रखने वाले सुभाष भामू नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि कथित तौर पर दो लाख रुपये लेकर यह शादी करवाई गई थी। पुलिस का कहना है कि महेश कुमार एक संगठित गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो गरीब परिवारों की बच्चियों को नौकरी का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाकर इस तरह की वारदात को अंजाम देता है।

फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बरामद किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और न्यायालय में उसका बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन ने रेस्क्यू अभियान में शामिल पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

यह घटना न केवल मानव तस्करी के नेटवर्क की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि समाज को भी सतर्क रहने का संदेश देती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी या शादी के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना को दें।

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