भागलपुर की लाइफलाइन माने जाने वाले विक्रमशिला सेतु पर उत्पन्न संकट को दूर करने के लिए बिहार सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। गुरुवार को बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने विभागीय अधिकारियों के साथ सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का पैदल निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति और सुरक्षा व्यवस्था की भी विस्तार से जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी BRO द्वारा सैन्य स्तर पर तैयार किए जा रहे अस्थायी बेली ब्रिज के निर्माण कार्य का अवलोकन किया। साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और तय समय सीमा के भीतर पुल को तैयार किया जाए।
मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर 3.25 मीटर चौड़े अस्थायी बेली ब्रिज पर हल्के वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और भागलपुर समेत आसपास के जिलों की आवाजाही फिर से सुचारू हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में अस्थायी बेली ब्रिज के जरिए यातायात बहाल किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में ट्रस तकनीक के माध्यम से पुल का स्थायी समाधान किया जाएगा। सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु बाधित होने के कारण लोगों को गंगा नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे जहां लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है, वहीं आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल भागलपुरवासियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
विक्रमशिला सेतु पर संकट दूर करने की तैयारी तेज, 15 दिनों में शुरू होगा बेली ब्रिज से हल्के वाहनों का परिचालन


