बिहार विधानसभा के बजट सत्र में गृह मंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान—“सबका काला चिट्ठा हमारे पास है, बारी-बारी से हिसाब होगा”—को लेकर हंगामा देखने को मिला। इस पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलपी) के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने प्रतिक्रिया दी और स्थिति को स्पष्ट किया।
माधव आनंद ने कहा कि बिहार के सभी जिलों में जो लोग कानून-व्यवस्था का उल्लंघन कर रहे हैं या जिन्हें अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया है, उन्हें सरकार चिन्हित कर रही है। गृह मंत्री के पास पूरा डेटा उपलब्ध है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन धमकाने या डराने के लिए नहीं, बल्कि गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए है।
आरएलपी नेता ने तेजस्वी यादव पर भी कटाक्ष किया और कहा कि वे सदन में बहुत कम दिखाई देते हैं—करीब 15–20 दिन में एक बार आकर चले जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “बिहार का खजाना खाली” कहने वाली बातें नकारात्मक राजनीति हैं। राज्य के पास पर्याप्त संसाधन हैं और केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
शिक्षा और बच्चों से जुड़े मामलों पर माधव आनंद ने बताया कि सरकार ऑनलाइन सुविधाओं और नई नियमावली पर गंभीरता से रिपोर्ट की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों में मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव पर नियंत्रण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार और केंद्र सरकार पूरी तरह गंभीर हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे पर माधव आनंद ने उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि घुसपैठ रोकना और सीमांचल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है।
माधव आनंद के अनुसार, बिहार सरकार कानून-व्यवस्था और सुरक्षा के मामलों में पूरी तरह सजग है और जनता के हित में सक्रिय कार्रवाई जारी रखेगी।
बाइट:
“बिहार के हर जिले में गलत पाए गए लोगों पर कार्रवाई होगी। यह सदन धमकाने के लिए नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर गंभीर चर्चा का मंच है।”
— माधव आनंद, विधायक दल नेता, राष्ट्रीय लोक मोर्चा
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