बिहार विधान परिषद में गृह विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस व्यवस्था और पुलिसकर्मियों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी पुलिस लाइनों में चरणबद्ध तरीके से नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
मुख्य घोषणाओं में शामिल है कि प्रत्येक पुलिस लाइन में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) स्थापित किया जाएगा। यहां पुलिसकर्मियों और उनके बच्चों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा। इस कदम से पुलिसकर्मियों को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत मिलेगी और उनके परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
इसके अलावा, पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हाई स्कूल खोलने का ऐलान किया गया। स्कूल में कम से कम मैट्रिक तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी। नामांकन की प्राथमिकता पुलिस परिवारों के बच्चों को दी जाएगी, और बची सीटों पर आसपास के बच्चों को मौका मिलेगा।
पुलिस लाइनों में बेहतर भोजन व्यवस्था के लिए जीविका परियोजना के तहत ‘दीदी की रसोई’ शुरू की जाएगी। इससे पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए पौष्टिक भोजन की सुविधा सुनिश्चित होगी।
उपमुख्यमंत्री ने 31 हजार नए पुलिसकर्मियों की भर्ती का भी ऐलान किया। इसमें 17 हजार पद SAP (सशस्त्र पुलिस) के तहत होंगे। इसके साथ ही अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को भी अवसर दिए जाएंगे।
गृहरक्षकों के मानदेय में वृद्धि करने और पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने की बात भी उन्होंने की। इस पहल से पुलिसकर्मियों की कार्य क्षमता में सुधार के साथ-साथ उनके कल्याण और परिवार की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सम्राट चौधरी के इस ऐलान से स्पष्ट है कि सरकार पुलिसकर्मियों के भले और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंभीर है। ये योजनाएं पुलिसकर्मियों की पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ उनके परिवारों के कल्याण में भी योगदान देंगी।
इस प्रकार, बिहार में पुलिस प्रशासन के आधुनिकीकरण और कल्याण के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, जो राज्य की सुरक्षा और पुलिसकर्मी संतुष्टि दोनों के लिए लाभकारी होंगे।
