सम्राट चौधरी ने विधान परिषद में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि राज्य सरकार पुलिस बल को विशेष सुविधाएं प्रदान करेगी। उन्होंने घोषणा की कि पूरे बिहार में पुलिसलाइन परिसर के अंदर हाइस्कूल स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर केवल पुलिस कर्मियों के बच्चों का नामांकन होगा। यदि सीटें रिक्त रह जाती हैं, तभी अन्य वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पुलिस परिवारों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि ड्यूटी की कठिन परिस्थितियों के बीच उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
यह घोषणा उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट पर हुई बहस के जवाब में की। यह बहस गृह, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा रोजगार एवं कौशल विकास तथा सूचना प्रावैधिकी विभाग से संबंधित थी। गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस बल के कल्याण और उनके बुनियादी ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि राज्य में शीघ्र ही 31 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों की बहाली की जाएगी। इसके साथ ही 17 हजार सैप (विशेष सशस्त्र पुलिस) जवानों की नियुक्ति होगी। पहली बार पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। उनका कहना है कि इससे राज्य की कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा अपराध नियंत्रण में मजबूती आएगी।
उद्योगों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार गंभीर है। बिहार में निवेश करने वाले उद्योगपतियों और औद्योगिक क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए दो विशेष बटालियन का गठन किया जाएगा। इससे निवेशकों में विश्वास बढ़ेगा और राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। साथ ही पुलिस इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
गृह मंत्री ने स्कूली बच्चों में बढ़ती गैंबलिंग (जुआ) की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बच्चों में यह गलत आदत तेजी से बढ़ रही है। इसे गंभीर सामाजिक समस्या बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि सरकार इस पर रोक लगाने के लिए विशेष कानून लाएगी। कानून के माध्यम से स्कूली बच्चों को गलत प्रवृत्तियों से बचाने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
