सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत स्थित एन.पी.एस. गोविंदपुर चाही में बन रहे सरकारी विद्यालय भवन को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण कार्य तकनीकी मानकों को दरकिनार कर किया जा रहा है। आरोप है कि बीम डाले बिना केवल पिलर के सहारे छत निर्माण की तैयारी की जा रही है, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है। लोगों को आशंका है कि इस तरह का निर्माण भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

 

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि निर्माण में तीसरे दर्जे की ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब सरकार द्वारा विद्यालय भवन के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई गई है, तो फिर गुणवत्ता से समझौता क्यों किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री के इस्तेमाल से भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

सबसे बड़ी बात यह है कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया है। योजना की स्वीकृति, प्राक्कलित राशि, संवेदक का नाम और निर्माण अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक नहीं हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

 

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कार्य स्थल पर जूनियर इंजीनियर की नियमित उपस्थिति नहीं रहती, जिससे निर्माण कार्य बिना तकनीकी निगरानी के चल रहा है। वहीं, सरिया की गुणवत्ता को लेकर भी लोगों ने शंका जताई है।

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

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