पप्पू यादव सोमवार को सहरसा पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “एक ही बार जीना और मरना होता है, मैं डरने वाला नहीं हूं।” सुरक्षा हटाने की कार्रवाई को बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति में निजी दुश्मनी की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
सांसद ने आरोप लगाया कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है। यदि विपक्ष सदन में सरकार की नाकामी उजागर नहीं करेगा और सड़क पर संघर्ष नहीं करेगा, तो लोकतंत्र कमजोर हो जाएगा। उन्होंने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि गंभीर अपराधों पर ठोस आवाज नहीं उठाई जा रही है।
पप्पू यादव ने दावा किया कि एक ही दिन में कई बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आईं, लेकिन इस पर व्यापक चर्चा नहीं हो रही। कुर्सेला में सैकड़ों परिवारों के जलने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ितों का हाल जानने तक नहीं गई। मानव तस्करी के मामलों पर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि एक महीने में लगभग सौ बच्चियों की तस्करी की बातें सामने आई हैं। सासाराम और भागलपुर से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कई पीड़िताएं अत्याचार झेलकर किसी तरह वापस लौटी हैं।
पटना में दो सगे भाइयों की हत्या का हवाला देते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट छात्र आंदोलन के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने सम्राट चौधरी और अशोक चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने निजी लड़ाई नहीं, बल्कि छात्रों और जनता के मुद्दों पर साथ काम किया था। अंत में उन्होंने सरकार से बदले की राजनीति छोड़कर जनता की सुरक्षा और न्याय पर ध्यान देने की मांग की।
