सहरसा। सिमराहा गोलीकांड में 13 वर्षीय अंकित की मौत के बाद जिले में शोक और आक्रोश का माहौल है। रविवार की शाम प्राइवेट स्कूल्स कंबाइंड एसोसिएशन, सहरसा के बैनर तले अंकित की आत्मा की शांति और न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया।
22 फरवरी 2026 को आयोजित यह कैंडल मार्च शाम 5 बजे इंदिरा गांधी चौक से प्रारंभ हुआ और वीर कुंवर सिंह चौक तक पहुंचा। मार्च में निजी स्कूलों के संचालक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी के हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और वे “अंकित को न्याय दो” के नारे लगा रहे थे। वातावरण भावुक और गंभीर बना रहा।
आयोजकों द्वारा लगाए गए बैनर पर अंकित की तस्वीर के साथ लिखा था— “अंकित के आत्मा की शांति के लिए शांतिपूर्ण कैंडल मार्च।” बैनर पर दो प्रमुख मांगें भी दर्ज थीं— अंकित के हत्यारों को फांसी दी जाए तथा स्कूली बच्चों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
मार्च के दौरान दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बालक को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने कहा कि मासूम बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह केवल एक बच्चे के लिए न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि जिले के हर स्कूली बच्चे की सुरक्षा का सवाल है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं फिर हो सकती हैं।
कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन लोगों के चेहरों पर गम और दिलों में न्याय की तीव्र मांग साफ दिखाई दे रही थी। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि जब तक अंकित को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनकी आवाज बुलंद रहेगी।
