सहरसा जिले की रहने वाली नीतू भगत ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर अपने आवासीय मकान की नीलामी पर रोक लगाने की अपील की है। अपने आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके पति स्वर्गीय आनंद कुमार, जो परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, का 2 मार्च 2025 को कैंसर के कारण निधन हो गया। पति की लंबी बीमारी और इलाज में भारी खर्च के कारण परिवार आर्थिक संकट में घिर गया।
नीतू भगत के अनुसार, उनके पति ने वर्ष 2021 में आईडीबीआई बैंक से आवास ऋण लिया था। बीमारी के दौरान नियमित किस्त जमा कर पाना संभव नहीं हो सका। अब बैंक द्वारा आवासीय संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन में उल्लेख है कि नीलामी की तिथि 6 मार्च निर्धारित की गई है।
पीड़िता ने कहा है कि वह अपने नाबालिग बच्चों के साथ उसी मकान में रह रही हैं। यदि नीलामी होती है तो वे बच्चों सहित बेघर हो जाएंगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करने और नीलामी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही ऋण अदायगी के लिए उचित समय और सहयोग प्रदान करने की भी अपील की है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीमारी के दौरान परिवार की आय पूरी तरह प्रभावित हो गई थी, जिससे आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई। ऐसे में मकान की नीलामी से परिवार पर गहरा संकट आ सकता है।
फिलहाल, मामले को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मानवीय अपील पर क्या निर्णय लेता है।
