भागलपुर के टीचर ट्रेनिंग महाविद्यालय में शिक्षक सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उन शिक्षकों के रचनात्मक प्रयासों को पहचान देना था, जो नई-नई तकनीकों और आधुनिक माध्यमों के जरिए बच्चों को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
समारोह में “मेरा मोबाइल, मेरी शिक्षा” पहल विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस पहल के तहत शिक्षक डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। मोबाइल, प्रोजेक्टर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पाठ्य सामग्री को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे पढ़ाई बच्चों के लिए आसान और समझने योग्य बन रही है। डिजिटल कंटेंट के माध्यम से बच्चे घर पर भी दोहराव कर पा रहे हैं, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई शैक्षणिक सामग्री और विभिन्न शिक्षण मॉडल की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कागज के टुकड़ों, चार्ट और स्थानीय संसाधनों से बनाए गए मॉडल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मकता और शिक्षकों की मेहनत साफ झलक रही थी।
इस अवसर पर शिक्षिका अर्चना मिश्रा ने बताया कि बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा दी जाती है ताकि पढ़ाई उनके लिए बोझ न बने। उन्होंने कहा कि कक्षा में कराई गई गतिविधियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया जाता है, जिससे बच्चे घर पर भी अभ्यास कर सकें और अभिभावक भी पढ़ाई की प्रक्रिया से जुड़ सकें।
समारोह में उपस्थित शिक्षाविदों ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा पद्धति में बदलाव जरूरी है। तकनीक के समुचित उपयोग से न केवल बच्चों की रुचि बढ़ती है, बल्कि सीखने का स्तर भी बेहतर होता है। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नवाचार और समर्पण से शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
