बिहार के सहरसा जिले से मनरेगा योजना में भारी अनियमितता और सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। यह मामला जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत डरहार पंचायत का बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार डरहार पंचायत के गोविंदपुर वार्ड संख्या 5 में “फसल सुरक्षा बांध सह सड़क निर्माण योजना” के नाम पर लाखों रुपये की निकासी कर ली गई, लेकिन स्थल पर कोई कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के मुखिया और पंचायत समिति के प्रतिनिधियों ने मिलकर बिना काम किए सरकारी राशि का बंदरबांट कर लिया।
इस संबंध में आवेदनकर्ता जयराम यादव ने जिलाधिकारी को दिए लिखित आवेदन में स्पष्ट आरोप लगाया है कि मनरेगा योजना के तहत न तो कार्य स्थल पर सूचना पट्ट लगाया गया और न ही मिट्टी भराई या अन्य निर्माण कार्य कराया गया। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवक और प्रोग्राम ऑफिसर की मिलीभगत से पूरी राशि की निकासी कर ली गई।
ग्रामीणों का दावा है कि जिन योजनाओं के तहत राशि निकाली गई है, उसकी योजना संख्या उनके पास उपलब्ध है और यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पूरा मामला उजागर हो सकता है।
अब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं।
