भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में आज आयोजित जनता दरबार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं मौजूद रहे और एक-एक शिकायत को गंभीरता से सुना।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि आज के जनता दरबार में 70 से अधिक मामलों का मौके पर ही निवारण किया गया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि आम लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से अब प्रखंड और पंचायत स्तर पर भी नियमित जनसुनवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान मिल सके।
जनता दरबार में भूमि विवाद, वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आपूर्ति व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा योजना, बिजली तथा राजस्व से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। कई मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर समाधान कराया गया, जबकि जटिल मामलों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई का आदेश दिया गया।
डॉ. चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जनता दरबार कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ प्रत्येक शिकायत का निष्पादन करें, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य “सबका सम्मान, जीवन आसान” की भावना को धरातल पर उतारना है। जनता दरबार में उपस्थित लोगों ने त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया और जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इसी तरह नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित कर आमजन की समस्याओं का समाधान किया जाता रहेगा।
