सहरसा जिला मुख्यालय के कहरा प्रखंड अंतर्गत राय टोला में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और उनके चित्र पर पुष्पगुच्छ अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन, संघर्ष और आदर्शों को याद करते हुए समाज को उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया गया।
यह आयोजन पटेल सेवा संग और रेणु विचार के बैनर तले संपन्न हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई। इसके बाद वक्ताओं ने शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
पटेल सेवा संग के अध्यक्ष दीना नाथ पटेल ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में उनके साहस, संगठन शक्ति और राष्ट्रभावना को अपनाने की आवश्यकता है। वक्ता प्रशांत पटेल ने बताया कि वर्ष 1630 में जन्मे शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज की स्थापना के लिए संघर्ष किया और 1674 में उनका राज्याभिषेक हुआ, जिसके बाद उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि मिली।
कार्यक्रम के दौरान समाज को संगठित रखने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने हर जिले में पटेल छात्रावास निर्माण के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
समारोह का समापन राष्ट्रगान और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को इतिहास से जोड़ते हैं और उन्हें अपने महान पूर्वजों के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
